Class 5 Hindi – कक्षा 5 हिंदी
कक्षा 5 के विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषा और व्याकरण का विस्तृत अध्ययन। इस पाठ्यक्रम में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया विशेषण, काल, कारक, अविकारी शब्द, उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी शब्द, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, वाक्य सुधार, अपठित गद्यांश एवं पद्यांश, सार लेखन, अनुच्छेद, औपचारिक पत्र, सूचना, संदेश, कहानी और निबंध लेखन शामिल हैं।
📚 कक्षा 5 हिंदी – विषय सूची
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संज्ञा के भेद और प्रयोग
किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, प्राणी, पदार्थ, समूह, गुण, अवस्था या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
संज्ञा के प्रमुख भेद
किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम।
भारत, गंगा, हिमालय, सीमाकिसी पूरी जाति या वर्ग का नाम।
देश, नदी, पर्वत, लड़कीभाव, गुण या अवस्था का नाम।
मित्रता, मिठास, बचपनकिसी समूह का बोध कराने वाला नाम।
सेना, टोली, झुंडकिसी पदार्थ या द्रव्य का नाम।
सोना, दूध, पानी| वाक्य | संज्ञा | भेद |
|---|---|---|
| गंगा एक पवित्र नदी है। | गंगा | व्यक्तिवाचक |
| बच्चे मैदान में खेलते हैं। | बच्चे | जातिवाचक |
| ईमानदारी अच्छी आदत है। | ईमानदारी | भाववाचक |
| सेना देश की रक्षा करती है। | सेना | समूहवाचक |
| सोना मूल्यवान धातु है। | सोना | द्रव्यवाचक |
दिल्ली, मिठास, झुंड, दूध, लड़की और हिमालय में संज्ञा का भेद पहचानें।
सर्वनाम के भेद और प्रयोग
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।
| भेद | उदाहरण |
|---|---|
| पुरुषवाचक | मैं, हम, तुम, आप, वह, वे |
| निश्चयवाचक | यह, वह, ये, वे |
| अनिश्चयवाचक | कोई, कुछ |
| प्रश्नवाचक | कौन, क्या |
| संबंधवाचक | जो, सो; जैसा, वैसा |
| निजवाचक | स्वयं, अपना |
कौन दरवाजे पर है?
कोई बाहर खड़ा है।
मैं स्वयं अपना काम करूँगा।
1. वह आज हमारे घर आएगा।
2. कौन तुम्हें बुला रहा है?
3. मैं अपना कार्य स्वयं करूँगा।
विशेषण के भेद और प्रयोग
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं।
| भेद | कार्य | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणवाचक | गुण, रंग, आकार आदि | सुंदर फूल |
| संख्यावाचक | संख्या या क्रम | पाँच विद्यार्थी |
| परिमाणवाचक | मात्रा | थोड़ा पानी |
| सार्वनामिक | संज्ञा की ओर संकेत | यह पुस्तक |
1. मेरे पास पाँच पुस्तकें हैं।
2. गिलास में थोड़ा पानी है।
3. यह लड़का बहुत बुद्धिमान है।
क्रिया के भेद और प्रयोग
जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने या अवस्था का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं।
सकर्मक क्रिया
जिस क्रिया को अपना अर्थ पूरा करने के लिए कर्म की आवश्यकता होती है।
सीमा पुस्तक पढ़ती है।क्या पढ़ती है? → पुस्तक
अकर्मक क्रिया
जिस क्रिया को कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
बच्चा सोता है।क्रिया का अर्थ अपने आप पूरा है।
| वाक्य | क्रिया | प्रकार |
|---|---|---|
| राम आम खाता है। | खाता है | सकर्मक |
| बच्चा हँसता है। | हँसता है | अकर्मक |
| रीना पत्र लिखती है। | लिखती है | सकर्मक |
| पक्षी उड़ते हैं। | उड़ते हैं | अकर्मक |
क्रिया विशेषण का परिचय
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।
वह धीरे-धीरे चलता है।
मैं आज विद्यालय जाऊँगा।
वह यहाँ बैठा है।
| प्रकार | प्रश्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| रीतिवाचक | कैसे? | धीरे चलो। |
| कालवाचक | कब? | आज आओ। |
| स्थानवाचक | कहाँ? | यहाँ बैठो। |
| परिमाणवाचक | कितना? | बहुत बोलता है। |
“मोहन धीरे बोलता है।” में क्रिया विशेषण पहचानें।
काल का विस्तृत अध्ययन
क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने के समय का बोध होता है, उसे काल कहते हैं।
🟢 वर्तमान काल
वर्तमान समय में होने वाला कार्य।
राम पढ़ता है।🕘 भूतकाल
बीते समय में हुआ कार्य।
राम ने पढ़ा।🔵 भविष्यकाल
आने वाले समय में होने वाला कार्य।
राम पढ़ेगा।वर्तमान काल की संरचना
वर्तमान काल वर्तमान समय में होने वाले, नियमित रूप से होने वाले या सामान्य सत्य बताने वाले कार्यों को व्यक्त करता है।
| प्रयोग | उदाहरण |
|---|---|
| नियमित कार्य | मैं प्रतिदिन पढ़ता हूँ। |
| चल रहा कार्य | मैं अभी पढ़ रहा हूँ। |
| सामान्य सत्य | सूरज पूर्व से निकलता है। |
| आदत | वह सुबह दौड़ता है। |
कर्ता + क्रिया का वर्तमान रूप + सहायक क्रिया
बच्चे + खेल रहे + हैं।
भूतकाल की संरचना
भूतकाल से बीते हुए समय में हुए या हो रहे कार्य का पता चलता है।
सीमा ने भोजन बनाया।
बच्चे मैदान में खेल रहे थे।
हम पिछले वर्ष जयपुर गए थे।
| वर्तमान | भूतकाल |
|---|---|
| राम पढ़ता है। | राम पढ़ता था। |
| सीमा जाती है। | सीमा गई। |
| बच्चे खेल रहे हैं। | बच्चे खेल रहे थे। |
भविष्यकाल की संरचना
भविष्यकाल आने वाले समय में होने वाले कार्यों को व्यक्त करता है।
रीना कहानी पढ़ेगी।
हम अगले महीने यात्रा करेंगे।
बच्चे शाम को खेलेंगे।
1. मोहन पुस्तक पढ़ता है।
2. सीमा बाजार जाती है।
कारक का परिचय
संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य शब्दों, विशेषकर क्रिया, से संबंध बताने वाले रूप को कारक कहते हैं।
| कारक | सामान्य चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता | ने / बिना चिह्न | राम ने खाना खाया। |
| कर्म | को | मैंने मोहन को बुलाया। |
| करण | से, के द्वारा | वह कलम से लिखता है। |
| संप्रदान | को, के लिए | माँ ने बच्चे के लिए फल खरीदे। |
| अपादान | से | पेड़ से पत्ता गिरा। |
| संबंध | का, के, की | राम की पुस्तक। |
| अधिकरण | में, पर | मेज पर पुस्तक है। |
| संबोधन | हे!, अरे!, ओ! | हे भगवान! |
कारक चिह्नों का प्रयोग
कारक चिह्न वाक्य में शब्दों के बीच संबंध स्पष्ट करने में सहायता करते हैं।
को: मैंने राहुल को बुलाया।
से: मैं कलम से लिखता हूँ।
के लिए: पिता जी मेरे लिए पुस्तक लाए।
का/के/की: यह सीमा की पुस्तक है।
में: पानी गिलास में है।
पर: पुस्तक मेज पर है।
1. रीना ___ पत्र लिखा।
2. मैंने मोहन ___ बुलाया।
3. पुस्तक मेज ___ रखी है।
4. यह राहुल ___ बैग है।
अविकारी शब्दों की पहचान
जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, पुरुष या काल के कारण परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अविकारी या अव्यय शब्द कहते हैं।
धीरे, आज, यहाँ, बहुत
के पास, के ऊपर, के नीचे
और, लेकिन, क्योंकि
वाह!, अरे!, ओह!
राम और मोहन धीरे-धीरे घर की ओर चले।
उपसर्ग से नए शब्द बनाना
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|---|
| अ | सत्य | असत्य |
| अ | शुद्ध | अशुद्ध |
| अन | पढ़ | अनपढ़ |
| सु | योग्य | सुयोग्य |
| उप | वन | उपवन |
| प्रति | दिन | प्रतिदिन |
अ + संभव = ______
सु + योग्य = ______
प्रति + दिन = ______
प्रत्यय से नए शब्द बनाना
मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने वाले शब्दांश को प्रत्यय कहते हैं।
| मूल शब्द | प्रत्यय | नया शब्द |
|---|---|---|
| सुंदर | ता | सुंदरता |
| मित्र | ता | मित्रता |
| अपना | पन | अपनापन |
| मानव | ता | मानवता |
| ईमान | दार | ईमानदार |
सरल + ता = ______
मित्र + ता = ______
अपना + पन = ______
शब्दों की संधि का प्रारंभिक परिचय
दो वर्णों या ध्वनियों के मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं।
| पहला शब्द | दूसरा शब्द | मिला हुआ रूप |
|---|---|---|
| विद्या | आलय | विद्यालय |
| हिम | आलय | हिमालय |
| देव | आलय | देवालय |
समास का प्रारंभिक परिचय
दो या दो से अधिक शब्दों को संक्षिप्त करके एक नया शब्द बनाने की प्रक्रिया को प्रारंभिक स्तर पर समास के रूप में समझा जा सकता है।
रसोई के लिए घर → रसोईघर
देश का भक्त → देशभक्त
“देश का भक्त” को एक शब्द में कैसे लिखा जा सकता है?
पर्यायवाची शब्दों का उन्नत अभ्यास
समान या लगभग समान अर्थ व्यक्त करने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| सूर्य | रवि, सूरज, दिनकर |
| चंद्रमा | चाँद, शशि, सोम |
| पृथ्वी | धरती, धरा, भूमि |
| आकाश | नभ, गगन, आसमान |
| जल | पानी, नीर |
| वन | जंगल, कानन |
| समुद्र | सागर, सिंधु |
| फूल | पुष्प, सुमन |
| हवा | वायु, पवन |
| घर | गृह, भवन, मकान |
सूर्य, पृथ्वी और आकाश।
विलोम शब्दों का उन्नत अभ्यास
एक-दूसरे के विपरीत अर्थ व्यक्त करने वाले शब्द विलोम शब्द कहलाते हैं।
उन्नति → ______
न्याय → ______
आदर → ______
अनेकार्थी शब्दों का प्रयोग
एक ही शब्द के एक से अधिक अर्थ होने पर उसे अनेकार्थी शब्द कहा जाता है। सही अर्थ वाक्य के संदर्भ से समझा जाता है।
| शब्द | अर्थ 1 | अर्थ 2 |
|---|---|---|
| कल | बीता दिन | आने वाला दिन |
| हार | माला | पराजय |
| उत्तर | जवाब | दिशा |
| फल | खाने का फल | परिणाम |
| पत्र | चिट्ठी | पत्ता |
| कर | हाथ | कर/टैक्स |
हमारी टीम की हार हुई।
“उत्तर” शब्द के दोनों अर्थों का प्रयोग करते हुए दो वाक्य बनाएँ।
मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग
ऐसे विशेष वाक्यांश जिनका अर्थ उनके सामान्य शब्दार्थ से अलग होता है, मुहावरे कहलाते हैं।
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| आँखों का तारा | बहुत प्यारा | राहुल अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
| हाथ बँटाना | सहायता करना | मैंने घर के काम में माँ का हाथ बँटाया। |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | शरारती बच्चों ने सबकी नाक में दम कर दिया। |
| दाँत खट्टे करना | बुरी तरह पराजित करना | हमारी टीम ने विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए। |
| कमर कसना | तैयार होना | विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए कमर कस ली। |
| नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया। |
लोकोक्तियों का सही प्रयोग
लोक अनुभव से बने और किसी पूर्ण विचार या सीख को व्यक्त करने वाले प्रसिद्ध कथन लोकोक्तियाँ कहलाते हैं।
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| जहाँ चाह वहाँ राह | दृढ़ इच्छा से रास्ता मिल जाता है। |
| एकता में बल है | मिलकर रहने में शक्ति होती है। |
| जैसी करनी वैसी भरनी | कर्म के अनुसार फल मिलता है। |
| देर आए दुरुस्त आए | देर से सही, पर सही काम करना अच्छा है। |
| बूँद-बूँद से घड़ा भरता है | छोटे प्रयास मिलकर बड़ा परिणाम देते हैं। |
| जैसा बोओगे वैसा काटोगे | कर्म के अनुसार परिणाम मिलता है। |
रिया ने प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाया और वर्ष के अंत में अच्छी राशि जमा कर ली। कौन-सी लोकोक्ति उचित है?
वाक्य संरचना और वाक्य सुधार
शब्दों का ऐसा सार्थक समूह जो पूर्ण अर्थ व्यक्त करे, वाक्य कहलाता है।
सीमा विद्यालय जाती है।
वाक्य सुधार
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य |
|---|---|
| सीमा बाजार जाता है। | सीमा बाजार जाती है। |
| बच्चे खेलता है। | बच्चे खेलते हैं। |
| मैं विद्यालय जाता हैं। | मैं विद्यालय जाता हूँ। |
| लड़कियाँ गीत गा रहा है। | लड़कियाँ गीत गा रही हैं। |
| मोहन और सोहन खेलता है। | मोहन और सोहन खेलते हैं। |
अपठित गद्यांश और प्रश्नोत्तर
ऐसा गद्यांश जिसे विद्यार्थी ने पहले न पढ़ा हो, अपठित गद्यांश कहलाता है। इसे ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दिए जाते हैं।
🌍 पर्यावरण की रक्षा
हमारा पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। वायु, जल, मिट्टी, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और हमारे आसपास की प्राकृतिक वस्तुएँ पर्यावरण का हिस्सा हैं। स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है।
आज बढ़ता प्रदूषण पर्यावरण के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। वाहनों और कारखानों से निकलने वाला धुआँ वायु को प्रदूषित करता है। प्लास्टिक और कचरा जल तथा मिट्टी को नुकसान पहुँचाते हैं। पेड़ों की कटाई से भी पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है।
हम छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। हमें अधिक पेड़ लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए और अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे तो पृथ्वी को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
प्रश्न
1. पर्यावरण में कौन-कौन सी चीजें शामिल हैं?
2. वायु प्रदूषण का एक कारण लिखें।
3. प्लास्टिक से क्या नुकसान होता है?
4. पर्यावरण की रक्षा के तीन उपाय लिखें।
5. गद्यांश का उचित शीर्षक लिखें।
6. “संतुलन” शब्द का अर्थ अपने शब्दों में लिखें।
अपठित पद्यांश और भावार्थ
किसी नए पद्यांश या कविता को पढ़कर उसका अर्थ, मुख्य विचार और संदेश समझना अपठित पद्यांश अभ्यास का उद्देश्य है।
🌅 आगे बढ़ते जाओ
राह कठिन हो, मत घबराना,
मेहनत से कदम बढ़ाना।
छोटी बाधा रोक न पाए,
साहस मन में दीप जलाए।
समय कभी वापस न आता,
यह हम सबको पाठ पढ़ाता।
हर पल का उपयोग करो तुम,
ज्ञान से जीवन उज्ज्वल करो तुम।
गिरकर फिर से उठते जाना,
अपने लक्ष्य को मत भुलाना।
सच्ची मेहनत रंग दिखाए,
एक दिन मंजिल पास बुलाए।
भावार्थ
प्रश्न
1. कठिन राह में हमें क्या नहीं करना चाहिए?
2. समय हमें क्या सिखाता है?
3. जीवन को किससे उज्ज्वल करने की बात कही गई है?
4. गिरने के बाद हमें क्या करना चाहिए?
5. कविता का मुख्य संदेश लिखें।
सार लेखन का परिचय
किसी बड़े गद्यांश या विचार की मुख्य बातों को कम शब्दों में, स्पष्ट और क्रमबद्ध रूप से लिखना सार लेखन कहलाता है।
पूरा गद्यांश ध्यान से पढ़ें।
मुख्य विचार पहचानें।
अनावश्यक उदाहरण और दोहराव हटाएँ।
अपने शब्दों में संक्षिप्त रूप लिखें।
सार का अर्थ मूल पाठ के अनुरूप रखें।
उदाहरण
पेड़ प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे हमें ऑक्सीजन, फल, लकड़ी और छाया देते हैं। अनेक पशु-पक्षी पेड़ों पर निर्भर रहते हैं। पेड़ मिट्टी को बहने से रोकते हैं और वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता करते हैं। इसलिए हमें पेड़ों की रक्षा करनी चाहिए और अधिक पौधे लगाने चाहिए।
विषय आधारित अनुच्छेद लेखन
किसी निश्चित विषय से संबंधित विचारों को स्पष्ट, क्रमबद्ध और जुड़े हुए वाक्यों में लिखना अनुच्छेद लेखन कहलाता है।
परिचय → मुख्य विचार → उदाहरण/विवरण → निष्कर्ष
📚 पुस्तकों का महत्व
पुस्तकें ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। अच्छी पुस्तकें हमें नई बातें सिखाती हैं और हमारी भाषा तथा सोचने की क्षमता को विकसित करती हैं। कहानी की पुस्तकें हमारी कल्पनाशक्ति बढ़ाती हैं, जबकि ज्ञानवर्धक पुस्तकें हमें संसार के बारे में नई जानकारी देती हैं। नियमित पढ़ने से शब्द-भंडार बढ़ता है और लिखने की क्षमता भी बेहतर होती है। हमें प्रतिदिन कुछ समय अच्छी पुस्तकें पढ़ने के लिए अवश्य निकालना चाहिए। वास्तव में पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र होती हैं।
अभ्यास के विषय
“समय का महत्व” पर लगभग 100 शब्दों का अनुच्छेद लिखें।
औपचारिक पत्र लेखन
विद्यालय, संस्था या अधिकारी को किसी औपचारिक उद्देश्य से लिखा गया पत्र औपचारिक पत्र कहलाता है।
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
आदर्श विद्यालय, अमृतसर।
दिनांक: 15 जुलाई 20XX
विषय: एक दिन के अवकाश हेतु आवेदन।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि मुझे आवश्यक पारिवारिक कार्य के कारण दिनांक 16 जुलाई को विद्यालय आने में असमर्थता रहेगी। अतः कृपया मुझे एक दिन का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। मैं अगले दिन विद्यालय आकर छूटा हुआ कार्य पूरा कर लूँगा/लूँगी।
धन्यवाद।
भवदीय,
अमन
कक्षा – 5
बीमारी के कारण दो दिन के अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को आवेदन लिखें।
सूचना और संदेश लेखन
📢 सूचना लेखन
किसी कार्यक्रम, गतिविधि या आवश्यक जानकारी को लोगों तक संक्षिप्त रूप में पहुँचाने के लिए सूचना लिखी जाती है।
सूचना
दिनांक: 10 अगस्त 20XX
विषय: चित्रकला प्रतियोगिता
सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि विद्यालय में 15 अगस्त को चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी 12 अगस्त तक अपने कक्षा अध्यापक को नाम दें।
सांस्कृतिक सचिव
💬 संदेश लेखन
किसी व्यक्ति के लिए आवश्यक जानकारी को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से लिखना संदेश लेखन कहलाता है।
दिनांक: 12 अगस्त 20XX
समय: 4:00 बजे
प्रिय रोहन,
तुम्हारे मित्र अमित का फोन आया था। उसने बताया कि कल की क्रिकेट
प्रैक्टिस शाम 5 बजे के बजाय 4 बजे होगी। कृपया समय पर मैदान पहुँच जाना।
– राहुल
विद्यालय में होने वाली पुस्तक प्रदर्शनी के लिए एक छोटी सूचना लिखें।
रचनात्मक कहानी लेखन
कल्पना, पात्रों, घटनाओं, समस्या और समाधान को जोड़कर रोचक कथा बनाना रचनात्मक कहानी लेखन कहलाता है।
📚 रहस्यमयी पुस्तक
एक दिन आरव अपने विद्यालय के पुराने पुस्तकालय में गया। पुस्तकालय के एक कोने में उसे धूल से ढकी हुई एक छोटी-सी पुस्तक दिखाई दी। उसका आवरण साधारण था, लेकिन उस पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था – “इसे वही खोले जो सीखने के लिए तैयार हो।”
आरव ने उत्सुकता से पुस्तक खोली। पहले पृष्ठ पर जंगल का एक सुंदर चित्र था। जैसे ही उसने चित्र को छुआ, उसके आसपास का पुस्तकालय गायब हो गया। कुछ ही क्षणों में उसने स्वयं को एक हरे-भरे जंगल में खड़ा पाया।
वहाँ एक छोटी गिलहरी उसके पास आई और बोली, “हमारे जंगल का झरना सूख रहा है। यदि पानी नहीं मिला तो यहाँ के पेड़-पौधे और जानवर संकट में पड़ जाएँगे।”
आरव ने जंगल के जानवरों के साथ मिलकर पानी का रास्ता खोजा। उन्हें पता चला कि गिरे हुए पत्थरों और टहनियों ने छोटी जलधारा को रोक दिया था। सभी ने मिलकर रास्ता साफ किया। थोड़ी देर बाद पानी फिर से बहने लगा।
अचानक आरव ने स्वयं को फिर पुस्तकालय में पाया। पुस्तक के अंतिम पृष्ठ पर लिखा था – “ज्ञान तभी उपयोगी है जब उससे किसी की सहायता की जाए।”
आरव मुस्कराया और उसने पुस्तक को सावधानी से वापस रख दिया। अब उसे समझ आ गया था कि वह पुस्तक केवल कहानी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सहयोग का पाठ सिखाती थी।
“यदि मेरा स्कूल एक दिन के लिए अंतरिक्ष में पहुँच जाए…” से शुरू होने वाली एक कहानी 120–150 शब्दों में लिखें।
निबंध लेखन का प्रारंभिक अभ्यास
किसी विषय पर अपने विचारों, तथ्यों और अनुभवों को क्रमबद्ध रूप से विस्तारपूर्वक लिखना निबंध लेखन कहलाता है।
1. भूमिका
विषय का संक्षिप्त परिचय दें।
2. मुख्य भाग
विषय से संबंधित प्रमुख विचार और उदाहरण लिखें।
3. निष्कर्ष
मुख्य विचार को संक्षेप में समाप्त करें।
🌳 वृक्षों का महत्व
वृक्ष प्रकृति की अनमोल देन हैं। वे पृथ्वी को हरा-भरा और सुंदर बनाते हैं। मनुष्य तथा अन्य जीवों के जीवन में वृक्षों का बहुत महत्व है।
वृक्ष हमें ऑक्सीजन, फल, फूल, लकड़ी और छाया प्रदान करते हैं। अनेक पक्षी वृक्षों पर अपने घोंसले बनाते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बहने से रोकने में सहायता करती हैं। वे वातावरण को स्वच्छ रखने और तापमान को संतुलित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आज बढ़ती जनसंख्या और विकास के कारण बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे प्रदूषण, मिट्टी का कटाव और पर्यावरण संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए हमें बिना आवश्यकता पेड़ नहीं काटने चाहिए।
प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की आदत अपनानी चाहिए। विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर भी वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए। वृक्षों की रक्षा करना वास्तव में अपने भविष्य की रक्षा करना है।
अभ्यास के लिए निबंध विषय
“स्वच्छता का महत्व” पर लगभग 150 शब्दों का निबंध लिखें।
🎓 कक्षा 5 हिंदी – त्वरित पुनरावृत्ति
परीक्षा से पहले इन मुख्य अवधारणाओं को दोहराएँ।
नाम का बोध कराने वाले शब्द।
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द।
संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।
कार्य या अवस्था का बोध कराती है।
क्रिया की विशेषता बताता है।
कार्य के समय का बोध कराता है।
शब्दों के बीच संबंध स्पष्ट करता है।
जिनका रूप नहीं बदलता।
मूल शब्द के पहले जुड़ता है।
मूल शब्द के बाद जुड़ता है।
वर्णों/ध्वनियों के मेल से परिवर्तन।
शब्दों का संक्षिप्त संयुक्त रूप।
समान या मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द।
विपरीत अर्थ वाले शब्द।
विशेष अर्थ देने वाला वाक्यांश।
लोक अनुभव पर आधारित कथन।
📝 Class 5 Hindi – अपनी समझ जाँचें
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी कॉपी में लिखें।
संज्ञा के पाँच प्रमुख भेद लिखें।
सर्वनाम किसे कहते हैं? दो उदाहरण दें।
विशेषण के चार भेद लिखें।
सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर लिखें।
क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
काल के तीन मुख्य भेद लिखें।
“मैं कल बाजार गया।” कौन-सा काल है?
कारक किसे कहते हैं?
कर्ता कारक और कर्म कारक के चिह्न लिखें।
अविकारी शब्द किसे कहते हैं?
उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर लिखें।
संधि का सरल अर्थ लिखें।
समास का उद्देश्य क्या है?
“सूर्य” के तीन पर्यायवाची लिखें।
“उन्नति” और “न्याय” के विलोम लिखें।
“हार” शब्द के दो अर्थ लिखें।
“कमर कसना” मुहावरे का अर्थ लिखें।
“जहाँ चाह वहाँ राह” का अर्थ लिखें।
सार लेखन क्या है?
औपचारिक पत्र के मुख्य भाग लिखें।
कक्षा 5 हिंदी पूर्ण!
आपने कक्षा 5 हिंदी के 30 महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन पूरा किया। व्याकरण के नियमों की नियमित पुनरावृत्ति करें और पठन, सार लेखन, अनुच्छेद, पत्र, सूचना, संदेश, कहानी तथा निबंध लेखन का अभ्यास जारी रखें।
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